पटना, 9 जुलाई 2025: बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर सियासत गरमा गई है। विपक्षी महागठबंधन ने इसे चुनाव आयोग के माध्यम से चुनावी चोरी की साजिश करार देते हुए बुधवार को राज्यव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया।
इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, वाम दल, वीआईपी पार्टी और जन अधिकार पार्टी सहित महागठबंधन के तमाम घटक दल शामिल हुए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पटना पहुंच चुके हैं और उन्होंने तेजस्वी यादव के साथ मिलकर इनकम टैक्स गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च शुरू किया।

तेजस्वी का सीधा हमला: “क्या दो गुजराती तय करेंगे कि कौन बिहारी वोट देगा?”
महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने कहा,
“क्या अब दो गुजराती यह तय करेंगे कि बिहार में कौन वोट करेगा और कौन नहीं? ये संविधान के साथ खुला खिलवाड़ है, जिसे हम हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला
राहुल गांधी ने बिहार पहुंचते ही SIR अभियान को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान दरअसल वोटर लिस्ट से विपक्षी वोटरों को हटाने की साजिश हैं।

महागठबंधन का चक्का जाम: ट्रेनों और सड़कों पर प्रदर्शन
राज्य के विभिन्न हिस्सों में चक्का जाम का व्यापक असर देखा गया:
दरभंगा में महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोका, रेल की पटरी पर बैठकर विरोध किया।
पटना, जहानाबाद, और दरभंगा में सड़कों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया।
सचिवालय हॉल्ट स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया।
भाजपा का पलटवार: “संविधान की रक्षा ये नहीं कर सकते”
भाजपा विधायक हरीभूषण ठाकुर ने कहा,
“जो लोग ‘शहाबुद्दीन अमर रहे’ जैसे नारे लगाते हैं, वे संविधान की रक्षा की बात नहीं कर सकते। जनता सब देख रही है और इनका साथ नहीं दे रही।”
📌 क्या है SIR अभियान?
चुनाव आयोग की ओर से चलाया जा रहा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया है, जिसे विपक्ष “वोटर डेटा में हेरफेर” बताकर विरोध कर रहा है।
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