जमशेदपुर | संवाददाता
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरा जमशेदपुर श्रद्धा और गर्व के माहौल में डूबा रहा। इसी कड़ी में शहर के कई शिक्षकों ने एक विशेष पहल करते हुए स्कूली बच्चों के साथ बिरसानगर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पहुंचकर माल्यार्पण किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शिक्षकों ने बच्चों को बिरसा मुंडा के संघर्ष, नेतृत्व और उनके “उलगुलान” आंदोलन की ऐतिहासिक महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह बिरसा मुंडा ने कम उम्र में ही आदिवासी समाज को एकजुट कर अधिकार, स्वाभिमान और न्याय की लड़ाई लड़ी।
नशा मुक्ति का दिया संदेश
इस अवसर पर शिक्षकों ने छात्रों के बीच नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज—तीनों को कमजोर करता है। वहीं बिरसा मुंडा जैसी महान विभूतियाँ हमेशा जागृति, दृढ़ता और सकारात्मक सोच का संदेश देती हैं।
छात्रों ने भी वचन दिया कि वे किसी भी रूप में नशे से दूर रहेंगे और समाज में इसके दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षक-छात्रों ने एक स्वर में कहा कि वे बिरसा मुंडा के आदर्शों, त्याग और संघर्ष से प्रेरित होकर समाजहित में काम करने का संकल्प लेते हैं।