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भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस — रघुवर दास बोले, “आदिवासी समाज को अपने इतिहास और गौरव को पहचानने की जरूरत”

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जमशेदपुर, संवाददाता (सुमित झा)
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को पूरे देश में जनजातीय गौरव दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जमशेदपुर में एक प्रेस वार्ता कर कार्यक्रम की तैयारियों और इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर देश की आज़ादी की लड़ाई में ऐतिहासिक योगदान दिया। भारत सरकार द्वारा उनकी जयंती को “जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाने का उद्देश्य यह है कि आदिवासी समाज अपने गौरवशाली इतिहास और बलिदान को याद कर गर्व महसूस करे।

रघुवर दास ने कहा —

“जो राजनीतिक दल खुद को आदिवासियों का हितैषी बताते हैं, वे वर्षों से उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि आदिवासी समाज अपने गौरव, परंपरा और पहचान को खुद समझे और सशक्त बने।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 7 राज्यों में पेसा कानून लागू किया जा चुका है, लेकिन झारखंड और ओडिशा में अब तक यह कानून लागू नहीं हुआ है।
रघुवर दास ने बताया कि उनकी सरकार के दौरान पेसा कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया था, लेकिन मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की कि पेसा कानून को शीघ्र लागू किया जाए, ताकि आदिवासी समाज को संवैधानिक अधिकारों के साथ विकास और आत्मनिर्भरता का मार्ग मिल सके।