रांची | संवाददाता
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा व्यापारियों को लेकर दिए गए “अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना” बयान से स्पष्ट होता है कि वे राज्य के मेहनती और ईमानदार व्यावसायिक वर्ग का सम्मान नहीं करते।
सांसद साहू ने कहा — “हेमंत सोरेन ने कहा कि व्यापारी पहले पैर पकड़ते हैं और फिर गला दबाते हैं। यह बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।” उन्होंने कहा कि झारखंड के व्यापारी दिन-रात मेहनत कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, ऐसे वर्ग का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आज बालू, कोयला और लोहा माफिया सक्रिय हैं और यह सब मुख्यमंत्री की देखरेख में फल-फूल रहा है। “जिन्होंने कभी जल, जंगल और जमीन की रक्षा की बात की थी, वही अब जमीन लूट का खेल करवा रहे हैं,” सांसद साहू ने कहा।
आदित्य साहू ने यह भी याद दिलाया कि कोविड महामारी के दौरान व्यापारियों ने जनता की मदद के लिए आगे बढ़कर सेवा की थी — जरूरतमंदों तक राशन और सहायता पहुँचाई थी। ऐसे वर्ग के प्रति मुख्यमंत्री का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस अपमानजनक बयान के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। “एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर हेमंत सोरेन मेहनतकश व्यापारियों का मनोबल तोड़ने में लगे हैं,” सांसद साहू ने कहा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में मुसाबनी की एक जनसभा में कहा था — “यह व्यापारियों की सरकार है, जो पहले पैर पकड़ते हैं और फिर गला दबाते हैं।” इसी बयान को लेकर विपक्षी दलों ने तीखा विरोध दर्ज कराया है।