सरकारी योजनाओं की समीक्षा, आजीविका मिशन को लेकर अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), 12 जून 2025
आदिम जनजातीय समुदायों की आजीविका को सशक्त बनाने और उनकी आय में वृद्धि के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने बोड़ाम प्रखंड मुख्यालय स्थित जिला परिषद भवन (डाक बंगला) में पहाड़िया, सबर और खड़िया जनजातियों से सीधा संवाद किया।
यह बैठक मुख्य रूप से वन धन विकास केंद्र के अंतर्गत चल रहे शहद प्रोसेसिंग कार्य पर केंद्रित रही, जहां उपायुक्त ने विशेष रूप से इस कार्य से जुड़ी महिलाओं की समस्याएं और जरूरतें समझीं। उन्होंने कहा कि “मेरा उद्देश्य इन समुदायों की पारंपरिक दक्षताओं को समझना और उन्हें बाजार से जोड़ना है, ताकि उनका परिश्रम उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना सके।”
स्थायी बाज़ार और संस्थागत सहयोग की दिशा में निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इन जनजातीय परिवारों के उत्पादों के लिए स्थानीय, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्थायी बाज़ार की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा, “शहद प्रोसेसिंग की तरह अन्य आजीविका आधारित कार्यों को भी बढ़ावा देने की ज़रूरत है। इन क्षेत्रों में योजनाएं तभी सफल होंगी जब इन्हें समुदाय की ज़रूरतों के अनुरूप ढाला जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की ज़मीनी हकीकत की जांच ज़रूरी है। अगर किसी स्तर पर कमी है तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
अधिकारियों की मौजूदगी और सहयोग
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री अनिकेत सचान, धालभूम की अनुमंडल पदाधिकारी श्रीमती शताब्दी मजूमदार, बीडीओ श्री किकू महतो, सीओ श्री रंजीत रंजन, जेएसएलपीएस के डीपीएम श्री सुजीत बारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाएं जनजातीय समुदायों की पारंपरिक क्षमताओं, संसाधनों और भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखकर बनें और उनके लिए प्रशिक्षण, संसाधन और विपणन में हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाए।