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चाईबासा सदर अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला, पांच बच्चों को चढ़ाया गया HIV संक्रमित रक्त

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चाईबासा | अबुआ खबर डेस्क

झारखंड के चाईबासा सदर अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ इलाज के दौरान पांच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ा दिए जाने का गंभीर आरोप लगा है। प्रारंभिक जांच में स्वास्थ्य विभाग ने इस लापरवाही की पुष्टि की है, जिसके बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।

जांच में सामने आई भयावह सच्चाई

जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में एक बच्चे की एचआईवी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद विभाग ने बाकी बच्चों की भी जांच कराई। जांच में चार और बच्चे संक्रमित पाए गए। अब तक कुल पाँच थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जिन्हें सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से रक्त चढ़ाया गया था।

हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, जांच तेज़

मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश जारी किया है। इसके बाद रांची से स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम चाईबासा पहुँची और ब्लड बैंक के रिकॉर्ड तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों में भय और ग़ुस्सा

संक्रमित बच्चों में एक सात वर्षीय बच्चे के पिता ने सबसे पहले पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त से शिकायत की थी। पिता ने बताया कि उनके बच्चे की रिपोर्ट 18 अक्टूबर को एचआईवी पॉजिटिव आई थी। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे के माता-पिता दोनों एचआईवी निगेटिव हैं, जिससे यह साबित होता है कि संक्रमण ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान हुआ।
इस घटना के बाद अस्पताल में इलाज कराने वाले अन्य मरीजों और उनके परिवारों में डर और ग़ुस्से का माहौल है।

यह घटना न केवल स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ब्लड बैंक की सुरक्षा प्रक्रिया और परीक्षण व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अब ब्लड सैंपल और स्टोरेज प्रक्रिया की भी समीक्षा कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।