चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) – बड़ामारा पंचायत के बड़मारा गांव में भारी बारिश के कारण ध्वस्त हुए पोमा मांडी के घर को आज 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई प्रशासनिक मदद नहीं मिली है। घर के साथ-साथ जरूरी सामान भी नष्ट हो गया था, और तब से पोमा मांडी व उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना की जानकारी तत्काल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, न ही किसी तरह की राहत सामग्री या आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
पीड़िता पोमा मांडी ने बताया, “बारिश में भीगते हुए किसी के बरामदे में रात गुजार रही हूं। बहुत मुश्किल हो रही है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
प्रशासन की इस उपेक्षा भरी चुप्पी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आपदा की घड़ी में आमजन को राहत कब और कैसे मिलती है?
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