चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) : चाकुलिया प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों चर्चाओं में है। क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सीएचसी में पदस्थापित एक स्वास्थ्यकर्मी द्वारा जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर लोगों से अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रमाण पत्र जारी करवाने के लिए उन्हें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है, और बिना रूपए दिए उनका काम नहीं किया जाता।
ग्रामीणों की इस गंभीर शिकायत के बाद इलाके में आक्रोश व्याप्त हो गया। परेशान ग्रामीणों ने यह मामला झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेताओं के समक्ष रखा। शिकायत मिलते ही झामुमो के प्रखंड स्तर के नेताओं ने इसे आम जनता के अधिकारों पर चोट बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया।
सोमवार को प्रखंड प्रमुख भुवनेश्वर करूणामय के नेतृत्व में झामुमो प्रतिनिधिमंडल सीएचसी पहुंचा। वहां उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) डॉ. रंजीत मुर्मू से दूरभाष पर बातचीत कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। झामुमो नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य केंद्र जनता की सुविधा और सेवा के लिए बनाया गया है, लेकिन यदि यहां भ्रष्टाचार या वसूली जैसी गतिविधियाँ हो रही हैं, तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने 24 घंटे के भीतर मामले की जांच कर दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुर्मू ने नेताओं को आश्वस्त किया कि शिकायत बेहद गंभीर है और वह त्वरित रूप से इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा अनियमितता या वसूली की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के प्रावधानों के अनुसार दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने नेताओं को बताया कि कई बार उन्हें जन्म प्रमाण पत्र के लिए कई-दिन चक्कर लगाने पड़ते हैं, और उनसे खुले तौर पर पैसे की मांग की जाती है। गरीब तबके के लोग अनिच्छा के बावजूद मजबूर होकर रुपये देते हैं ताकि उनके बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र समय पर बन सके। इस स्थिति को देखते हुए लोगों ने मांग की कि स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी बनाई जाएं।
प्रखंड प्रमुख भुवनेश्वर करूणामय ने कहा कि जनता के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि झामुमो संगठन हमेशा से जनता के मुद्दों पर खड़ा रहा है और आगे भी ऐसी शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को भी सचेत किया कि सरकारी संस्थानों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में गोपन परिहारी, प्रखंड अध्यक्ष शिवचरण हांसदा, राजा बारिक, मोहन सोरेन, अमर हांसदा, बबलू मुर्मू, राहुल महतो समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
ग्रामीणों की शिकायत और नेताओं की सक्रियता से इस मामले ने अचानक जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट और होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस कदम के बाद सीएचसी में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को बिना किसी बाधा या वसूली के सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।