चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह)।
सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार की एक और मिसाल सामने आई है। चाकुलिया स्थित जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 2.74 करोड़ रुपये की लागत से बना छात्रावास भवन उद्घाटन से पहले ही दरकने लगा है। भवन की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और प्लास्टर की परतें गिरने लगी हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिना उद्घाटन, भवन की हालत जर्जर
भवन का उद्घाटन अगस्त में प्रस्तावित है, लेकिन इससे पहले ही इसकी दीवारों में दरारें और रंग उखड़ने की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। यह स्थिति यह दर्शाती है कि निर्माण कार्य में गम्भीर लापरवाही बरती गई है।
संवेदक की भूमिका संदेह के घेरे में
छात्रावास भवन का निर्माण कार्य एम/एस देवाशीष सरकार को सौंपा गया था। 25 मार्च 2022 को ठेका दिया गया था। सूचना बोर्ड पर इसकी प्राक्कलित लागत ₹2,07,40,455.65 अंकित है। निर्माण की शुरुआत से ही गड़बड़ियों की चर्चाएं चल रही थीं, जो अब स्पष्ट रूप से नजर आने लगी हैं।

प्राचार्य और अभियंता की स्वीकारोक्ति
डायट के प्राचार्य रामनाथ सिंह ने पुष्टि की है कि भवन के अंदर दीवारों में दरारें पड़ी हैं। उनके अनुसार भवन में फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग किया गया है। वहीं कनीय अभियंता सत्यजीत माइती ने भी दीवारों में दरारों की बात स्वीकार करते हुए बताया कि संवेदक को मरम्मत के लिए नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्राक्कलन के अनुसार फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग अनिवार्य था।
क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई?
प्रश्न यह है कि इतने बड़े बजट के निर्माण कार्य में अनियमितताओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर क्या कोई ठोस कार्रवाई होगी या मामला भी बाकी भ्रष्ट निर्माणों की तरह फाइलों में दब जाएगा?
स्थानीय लोग और अभिभावक अब निर्माण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगर उद्घाटन से पहले ही भवन की हालत खस्ता है, तो इसमें विद्यार्थियों की सुरक्षा का क्या भरोसा रहेगा?