चाकुलिया।
पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड की सरडीहा पंचायत अंतर्गत रूपुषकुंडी गांव के कैनाल टोला में सरस्वती पूजा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां सार्वजनिक सरस्वती पूजा कमेटी की ओर से इस वर्ष अक्षय वट वृक्ष की आकृति पर आधारित भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है।
बांस, जूट और मिट्टी से बन रहा आकर्षक पंडाल
पंडाल को आकर्षक और जीवंत रूप देने के लिए बांस, जूट की बोरियां, मिट्टी और विभिन्न रंगों का कलात्मक तरीके से उपयोग किया जा रहा है। कमेटी के सदस्यों के अनुसार पंडाल निर्माण पर लगभग 45 हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है।
आठ वर्षों से हो रही पूजा, हर साल मिलती है नई पहचान
गौरतलब है कि कैनाल टोला में पिछले आठ वर्षों से लगातार मां सरस्वती की पूजा का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष यहां की कलाकृति और पंडाल अपनी अनूठी थीम के कारण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनती रही है।
युवाओं की टीम दिन-रात जुटी
पंडाल निर्माण कार्य में मोहन नायक, प्रसेनजीत नायक, कार्तिक नायक, तापस नायक, मदन नायक, पिनाकी नायक, सरत नायक, अशोक नायक, सुबोध नायक, सागर नायक, बादल नायक, चंदू नायक, तूफान नायक, विकास नायक, राजू नायक और मनसा नायक समेत टोला के सभी युवा दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
आसपास के गांवों से उमड़ती है भीड़
स्थानीय स्तर पर प्रसिद्ध इस सरस्वती पूजा पंडाल और मां सरस्वती के दर्शन के लिए न केवल रूपुषकुंडी गांव, बल्कि आसपास के कई गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।