सरना धर्म कोड, पेसा कानून और विभागीय कार्यों पर हुई विस्तार से चर्चा
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में आज दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में झारखंड कांग्रेस के विधायकों, सांसदों, मंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित हुई।
इस बैठक में संगठन, सरकार और राज्य से जुड़े प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर गंभीर और विस्तृत चर्चा की गई।

राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रही बैठक
बैठक के दौरान झारखंड में चल रहे प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें विशेष रूप से निम्नलिखित शामिल रहे:
- सरना धर्म कोड को लेकर कांग्रेस की स्थिति और आगे की रणनीति,
- पेसा कानून के क्रियान्वयन की समीक्षा,
- पिछड़ा वर्ग के अधिकारों को लेकर पार्टी की पहल,
- और कांग्रेस द्वारा तय 7 निश्चयों पर अमल की जानकारी।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस की सक्रिय और अग्रणी भूमिका रही है, और आगे भी रहेगी।
कृषि एवं सहकारिता विभाग की उपलब्धियों की प्रस्तुति
गठबंधन सरकार बनने के बाद कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट बैठक में पेश की गई।
साथ ही, विभाग की आगामी योजनाओं की रूपरेखा भी हाईकमान के समक्ष रखी गई, जिससे नेतृत्व को राज्य सरकार के कामकाज की जानकारी मिल सके।
मार्गदर्शन और अनुशासन पर ज़ोर
बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने झारखंड इकाई को संगठनात्मक मजबूती, नीतिगत स्पष्टता और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी काम करने का निर्देश दिया।
नेताओं को यह संदेश दिया गया कि वे जनता से सीधा संवाद, कार्यकर्ताओं से संपर्क, और नीतिगत क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
क्या झारखंड की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है?
दिल्ली की यह बैठक सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि एक नीति निर्धारण प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगे हैं कि आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में कोई बड़ा घटनाक्रम या संभावित फेरबदल देखने को मिल सकता है।