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मॉनसून सत्र में कांग्रेस सख्त, लोकसभा सांसदों के लिए तीन दिन का अनिवार्य उपस्थिति आदेश जारी

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नई दिल्ली: मॉनसून सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत से पहले कांग्रेस पार्टी ने बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। पार्टी ने अपने लोकसभा सांसदों को लगातार तीन दिनों तक संसद में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसके लिए कांग्रेस ने तीन लाइन का व्हीप जारी किया है, जो भारतीय संसदीय व्यवस्था में सबसे कड़ा पार्टी निर्देश माना जाता है।

तीन लाइन का व्हीप का अर्थ है कि सांसदों को हर हाल में सदन में मौजूद रहना होगा और महत्वपूर्ण बहस या मतदान के समय पार्टी के निर्देशानुसार ही मत देना अनिवार्य होगा। व्हीप का उल्लंघन करने पर सांसद की सदस्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला मौजूदा राजनीतिक माहौल, विपक्षी एकजुटता और संभावित संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति का हिस्सा है। इसमें हालिया पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जा सकते हैं, जिन पर कांग्रेस सरकार को घेरेगी।

कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि पार्टी किसी भी महत्वपूर्ण चर्चा या विधेयक में गैरहाजिरी को बर्दाश्त नहीं करेगी, खासकर जब विपक्ष की भूमिका और एकजुटता निर्णायक हो सकती है।

पार्टी सूत्रों का मानना है कि इस सत्र में सुरक्षा, महंगाई, रोजगार, और केंद्र सरकार की विदेश नीति जैसे विषयों पर तीखी बहस की संभावना है, और ऐसे में कांग्रेस अपनी भूमिका को मज़बूती से रखना चाहती है।