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कांग्रेस ने जिला पर्यवेक्षकों को दिया प्रशिक्षण, पंचायत स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर

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रांची, प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त जिला पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश प्रभारी के राजू ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और आगामी नगर निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया।

राजू ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का विशेष ध्यान ग्राम और निकाय स्तर के संगठन को सशक्त बनाने पर है। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी जमीनी स्तर पर है, जिसके कारण पार्टी की बात आम जनता तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाती। उन्होंने कहा कि प्रखंड और जिला स्तर पर संगठन मजबूत होते हैं, लेकिन पंचायत स्तर पर कमजोरी के चलते लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस समर्थक मतदाता बूथ तक नहीं पहुंच पाते, जिससे कई सीटों पर मामूली अंतर से हार होती है।

राजू ने बताया कि प्रथम चरण में छूटे हुए प्रखंड अध्यक्षों को झारखंड एप में रजिस्टर कराना है। साथ ही मंडल अध्यक्षों को भी जोड़ते हुए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना आवश्यक है। अब तक 214 प्रखंड अध्यक्षों को एप में जोड़ा जा चुका है। पंचायत स्तर पर संगठन के सक्रिय होने से बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति संभव हो सकेगी, जो मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि मजबूत पंचायत समिति ही सशक्त संगठन की पहचान है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर संगठित ढांचा होने से मतदाता सूची में हेराफेरी की संभावना कम होती है और कांग्रेस समर्थकों को मतदान में सुविधा होती है। संगठन के कार्यों और कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना जरूरी है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव के लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। निकाय स्तर पर संगठन समर्थित और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा की जीत, कांग्रेस की ताकत को जनता के सामने स्पष्ट करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों और झारखंड सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

बैठक में बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर, प्रदीप बालमुचू, के एन त्रिपाठी, बादल पत्रलेख, भीम कुमार, अजय दुबे, अशोक चौधरी, बृजेंद्र प्रसाद सिंह, बलजीत सिंह बेदी, श्यामल किशोर सिंह, राजेश गुप्ता, योगेंद्र साहू, सुल्तान अहमद, विनय सिन्हा दीपू, प्रदीप तुलस्यान, रमा खलको, कुमार राजा और सुमित कुमार समेत कई नेता उपस्थित थे।