जमशेदपुर, 27 जुलाई 2025 — दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में झारखंड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया। बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिद्धगोड़ा में राज्य का पहला जिला स्तरीय पर्पल फेयर का आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के हुनर, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन को समर्पित था।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मंच देना था, जहाँ वे न केवल अपने कौशल का प्रदर्शन करें, बल्कि रोजगार, शिक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त कर सकें।
🎉 उद्घाटन समारोह में दिखी भागीदारी की मिसाल
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें जमशेदपुर पूर्वी की विधायक श्रीमती पूर्णिमा साहू और राज्य निःशक्तता आयुक्त श्री अभयनंदन अंबष्ट ने संयुक्त रूप से शिरकत की। दोनों ने दिव्यांगजनों की सहभागिता की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक बनाने की बात कही।
मंच पर उतरी प्रतिभा, हौसलों की उड़ान
करीब 50 दिव्यांग कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। नृत्य, संगीत, कविता पाठ सहित कई विधाओं में प्रस्तुतियाँ दी गईं, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गईं। इसके अतिरिक्त, दिव्यांगजनों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने उनकी रचनात्मकता को दर्शाया।
सेवाओं और सहायक उपकरणों का वितरण
कार्यक्रम में ADIP और वयोश्री योजनाओं के तहत 28 दिव्यांग और वृद्ध लाभार्थियों को सहायक यंत्र प्रदान किए गए, जिनमें व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, मोटर ट्राइसाइकिल आदि शामिल हैं। इसके साथ ही, ONGC और सक्षम फाउंडेशन के सहयोग से दृष्टिबाधितों को 38 स्मार्ट केन और 30 AI स्मार्ट ग्लास वितरित किए गए।
खेल और प्रेरणा की मिसाल
स्पेशल ओलंपिक भारत के तत्वावधान में दिव्यांगजनों के लिए अनुकूलित खेलों का प्रदर्शन किया गया और खिलाड़ियों को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, बर्लिन पारा ओलंपिक 2023 में पदक विजेता चार खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया।
समावेशी वातावरण की मिसाल बना आयोजन स्थल
आयोजन स्थल को पूरी तरह से दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया था। रैम्प, बैरियर-फ्री टॉयलेट और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे सभी प्रतिभागी बिना किसी बाधा के कार्यक्रम में हिस्सा ले सके।
नेतागणों का संदेश
विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा, “यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के आत्मबल और प्रतिभा का प्रमाण है। जमशेदपुर में इस ऐतिहासिक आयोजन को पाकर हम गौरवान्वित हैं।”
राज्य निःशक्तता आयुक्त श्री अभयनंदन अंबष्ट ने इसे दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ठोस पहल बताते हुए कहा कि अन्य जिलों में भी इसी प्रकार के आयोजन किए जाएंगे।