Responsive Menu
Add more content here...

घाटशिला के गरीबों के मसीहा डॉ. नागेन्द्र सिंह का असमय निधन, पूरे अनुमंडल में शोक

Spread the love

चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) : घाटशिला अनुमंडल में गरीबों के लिए मसीहा माने जाने वाले तथा जमशेदपुर स्थित गंगा मेमोरियल अस्पताल के संचालक डॉ. नागेन्द्र सिंह का सोमवार देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके जाने की खबर मिलते ही घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों में गहरा शोक फैल गया है।

डॉ. सिंह का जीवनभर घाटशिला से गहरा लगाव रहा। उन्होंने गरीब मरीजों के लिए हमेशा अपने दरवाजे खुले रखे और कहा जाता था कि आर्थिक तंगी की वजह से उन्होंने कभी भी किसी जरूरतमंद को लौटाया नहीं।

दरभंगा (बिहार) जिले के पानीहारा गांव में वर्ष 1955 में जन्मे डॉ. सिंह, स्व. योगेन्द्र सिंह के पुत्र थे। उन्होंने गया मेडिकल कॉलेज (मगध विश्वविद्यालय) से एमबीबीएस और रांची से एमएस की डिग्री प्राप्त की थी।

वर्ष 1989 में उन्होंने बहरागोड़ा में अपनी माता के नाम पर गंगा नर्सिंग होम की स्थापना की। इसके बाद 1996 में वह राजस्टेट में सक्रिय रहे और वर्ष 2000 में घाटशिला के गोपालपुर में सिंह नर्सिंग होम शुरू किया। आगे चलकर 2008 में उन्होंने जमशेदपुर में गंगा मेमोरियल अस्पताल खोला, जो आज भी शहर के प्रमुख अस्पतालों में गिना जाता है।

डॉ. सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह और पुत्री पूजा कश्यप भी डॉक्टर हैं और पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

डॉ. सिंह घाटशिला मुख्य शहर के राजस्टेट और अस्वस्थ्य कुंज दुर्गा पूजा समिति के संरक्षक भी थे। इसी वर्ष 28 सितंबर को उन्होंने दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया था।

उनके निधन पर सामाजिक, चिकित्सीय और धार्मिक संस्थाओं ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।
अस्वस्थ्य कुंज दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि,
“डॉ. सिंह का जाना केवल घाटशिला ही नहीं, पूरे जिले के लिए अपूरणीय क्षति है। इसकी भरपाई संभव नहीं।”