रांची : झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट से बड़ा निर्देश आया। अदालत ने राज्य चुनाव आयोग द्वारा पेश किए गए शपथपत्र और सीलबंद रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट कर दिया कि चुनाव प्रक्रिया 101 दिनों के भीतर हर हाल में पूरी करनी होगी। चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि सभी तैयारियों में 56 दिन लगेंगे, जबकि अधिसूचना से मतदान तक की पूरी प्रक्रिया 45 दिनों में पूरी हो जाएगी।
जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने इस समयसीमा को मानते हुए आयोग को निर्देश दिया कि तय अवधि के भीतर ही चुनाव कराए जाएं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।
सुनवाई के दौरान निवर्तमान पार्षद रोशनी खलखो की अवमानना याचिका पर भी चर्चा हुई। याचिका में कहा गया कि निकाय चुनाव न होने से कई कार्य रुके हुए हैं और पूरा बोझ अधिकारियों पर है, जिससे आम जनता परेशान हो रही है।
अवमानना से जुड़े मामले में मुख्य सचिव की ओर से दाखिल जवाब में बिना शर्त माफी मांगी गई। मुख्य सचिव ने कोर्ट को बताया कि निकाय चुनाव से जुड़ी सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। 14 अक्टूबर 2025 की कैबिनेट बैठक में ओबीसी आरक्षण आयोग की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई थी। ओबीसी सूची, सीट आरक्षण का ब्योरा, जनसंख्या डेटा और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने भी स्वीकार किया कि अब किसी भी जानकारी की कमी नहीं है।
हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद उम्मीद की जा रही है कि चुनाव आयोग जल्द ही निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा और लंबे समय से अटके शहरी निकायों में चुने हुए प्रतिनिधियों की वापसी का रास्ता जल्द साफ होगा।