जादूगोड़ा | अबुआ खबर डेस्क
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव की तारीख नज़दीक आते ही पूरे क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज़ हो गई है। मुख्य राजनीतिक दलों के अलावा अब समाज के प्रभावशाली चेहरे भी सीधे मैदान में उतरने लगे हैं। इसी क्रम में दलित, पिछड़ा और मजदूर वर्ग के मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाने वाले टिकि मुखी ने भी चुनावी मोर्चा संभाल लिया है।
मंगलवार देर शाम टिकि मुखी ने मुसाबनी, गालूडीह, घाटशिला और ढालभुमगढ़ सहित कई इलाकों में दलित समाज व मजदूर समुदाय की बैठकें कीं। बैठकों में उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट रहने और अपनी राजनीतिक ताकत को बिखरने से बचाने की अपील की।
टिकि मुखी ने कहा, “वर्षों से दलित और मजदूर समाज की समस्याओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाया गया, लेकिन समाधान कभी नहीं हुआ। अब समय आ गया है कि समाज अपने हितों के लिए स्वयं निर्णय ले। हमारा वोट अब किसी के भरोसे नहीं रहेगा — समाज खुद अपनी दिशा तय करेगा।”
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने टिकि मुखी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और कहा कि वे समाज के सच्चे सेवक हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में समाज एकजुट रहकर अपने हक़ की लड़ाई लड़ेगा।
चर्चा के दौरान शिक्षा, रोजगार, असंगठित मजदूरों की सुरक्षा, विस्थापित परिवारों के अधिकार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि अब समाज पूरी तरह जागरूक हो चुका है और किसी भी कीमत पर अपने वोट की ताकत को कमजोर नहीं होने देगा।
टिकि मुखी ने कहा कि इस बार उपचुनाव में दलित समाज की एकता ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति होगी और समाज स्वयं अपने भविष्य का फैसला करेगा।
बैठक में कृष्णा मुखी, आजाद बेहरा, राकेश मुखी, इब्राहिम, जेमल बाग, जितेन सोना, जय सिंह, संजय करवा, शंकर मुखी, मंगल मुखी और साजन मुखी सहित कई लोग मौजूद रहे।