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गुजरात ATS द्वारा बड़ी कार्रवाई: बेंगलुरु से झारखंड मूल की महिला की गिरफ्तारी

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अहमदाबाद / बेंगलुरु (30 जुलाई):
गुजरात एंटी‑टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने बेंगलुरु में अवैध गतिविधियों में संलिप्त शमा परवीन (लगभग 30 वर्ष), जो झारखंड मूल की हैं, को गिरफ्तार किया है। उन पर अल‑कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े एक ऑनलाइन आतंकी मॉड्यूल को संचालित करने का आरोप है ।

ATS ने बताया कि शमा सोशल मीडिया के ज़रिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित कर रही थी। वे इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट्स के माध्यम से “Ghazwa‑e‑Hind” जैसे हिंसात्मक प्रचार फैला रही थीं, और पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के साथ संपर्क में थीं ।

🧾 गिरफ्तारी की मुख्य जानकारी

शमा परवीन को मौजूदा AQIS नेटवर्क की ऑनलाइन संचालन की भूमिका में देखा जा रहा है।

पुलिस ने उनसे दो मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और सोशल मीडिया से जुड़े साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनसे पाकिस्तान स्थित संपर्क भी उजागर हुए हैं ।

इससे पहले इसी टीम ने गुजरात, दिल्ली–NCR, नोएडा सहित कई स्थानों से चार AQIS से जुड़े अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया था ।

क्या भारत में ऑनलाइन कट्टरपंथ बढ़ रहा है?

यह गिरफ्तारी उन चिंताओं की पुष्टि करती है, जो बताते हैं कि ऑनलाइन कट्टरपंथ और युवाओं की भर्ती की कोशिशें देश में बढ़ रही हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार, 2024 की शुरुआत तक लगभग 10,000 URLs पर कट्टरपंथी सामग्री ब्लॉक की जा चुकी थी ।

सरकारी रिपोर्ट्स ने बताया है कि न केवल सोशल मीडिया बल्कि एंड-टू‑एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स जैसे Telegram, Signal, Viber का भी कट्टरपंथियों द्वारा उपयोग बढ़ने लगा है ।

National Investigation Agency (NIA) भी ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन से जुड़े कई मामलों की जांच कर रही है—कुछ राज्यों में इस गतिविधि के लगने पर युवा कॉलिंग सेंटर्स और Arabic study‑centres से जुड़े संदिग्ध संगठन शामिल हैं ।

📊 आंकड़ों की दृष्टि

स्थिति विवरण

वेब सामग्री ब्लॉक्स गृह मंत्रालय की रिपोर्ट अनुसार, ~9,845–10,000 URLs में कट्टरपंथी सामग्री ब्लॉक की गई थी
NIA की कारवाई तमिलनाडु में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, युवा इंटरनेट पर IS विचारधारा के लिए प्रेरित हो रहे थे
देरादिक्लैराइजेशन कार्यक्रम तमिलनाडु पुलिस ने 100+ युवाओं को डेरैडिकलाइजेशन प्रोग्राम में शामिल किया है

ये संकेत हैं कि ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाए जाने के प्रयास पृथक घटनाएं नहीं बल्कि एक बढ़ते पैटर्न का हिस्सा हैं।