रैयतों व विस्थापित परिवारों के अधिकारों को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग
जमशेदपुर।
झारखंड मूलवासी अधिकार मंच ने टाटा कंपनी के लीज नवीनीकरण और उससे प्रभावित मूल रैयतों एवं विस्थापित परिवारों के अधिकारों को लेकर जिला प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। मंच के मुख्य संयोजक हरमोहन महतो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
लीज नवीनीकरण में न्याय नहीं मिलने का आरोप
ज्ञापन के माध्यम से मंच ने आरोप लगाया कि टाटा कंपनी के लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया में अब तक मूल रैयतों और विस्थापितों को न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रभावित परिवार अपने संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल नहीं हो रही है।
रैयत की जमीन पर मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाया
मुख्य संयोजक हरमोहन महतो ने कहा कि जिस भूमि पर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा मंदिर निर्माण का शिलान्यास प्रस्तावित है, वह जमीन रैयत हेम महतो की बताई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त भूमि को लीज से बाहर दिखाकर मंदिर निर्माण कराया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार लीज समाप्त होने या लीज से बाहर होने की स्थिति में भूमि संबंधित रैयत को लौटाई जानी चाहिए।
प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने की अपील
झारखंड मूलवासी अधिकार मंच ने जिला प्रशासन से सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। मंच ने आग्रह किया है कि रैयतों और विस्थापित परिवारों को उनका संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए और लीज नवीनीकरण से जुड़े मामलों का निष्पक्ष समाधान निकाला जाए।