रांची अबुआ खबर डेस्क: झारखंड में बिजली चोरी लगातार गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के आंकड़ों के अनुसार हर महीने करीब 3.5 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान सिर्फ चोरी की वजह से हो रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने से लेकर कवर्ड वायर लगाने तक कई तकनीकी कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली चोरी के मामलों में खास कमी नहीं आ पा रही है।
इसी बीच 25 और 26 नवंबर को पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान चलाया गया। दो दिनों की इस कार्रवाई में विभाग की टीमों ने 1131 लोगों को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा । सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुल 1.83 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
राज्य में वर्तमान में लगभग 55 लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 45 लाख उपभोक्ता 200 यूनिट से कम बिजली उपयोग करने वालों की श्रेणी में आते हैं, जिन्हें सरकार की निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलता है। इसके बावजूद लगातार मिल रहे मामलों से यह साफ है कि बिजली चोरी विभाग के लिए अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नवंबर महीने में जेबीवीएनएल की विभिन्न टीमों ने कई जिलों में अभियान चलाए। कुल मिलाकर 2331 बिजली चोरी के केस दर्ज किए गए और पूरे महीने में 3.72 करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूली गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर और निगरानी तंत्र मजबूत करने के बाद भी चोरी करने वालों के तरीके बदलते जा रहे हैं, इसलिए लगातार ऑपरेशन चलाना जरूरी है।
जेबीवीएनएल और राज्य सरकार आने वाले दिनों में अभियान को और सख्त करने की तैयारी में है, ताकि बिजली चोरी पर रोक लगाई जा सके और राजस्व हानि को कम किया जा सके।