रांची, 15 जून 2025:
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास की प्रमुख पहल “जोहार परियोजना” (Jharkhand Opportunities for Harnessing Rural Growth – JOHAR) ने अपने सात वर्षों के कार्यकाल में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की मिसाल पेश की है। मई 2017 से जून 2024 तक चली इस विश्व बैंक द्वारा पोषित परियोजना से राज्य के 17 जिलों के 2.25 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा है।
परियोजना का संचालन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से किया गया। 833.34 करोड़ रुपये के बजट में से 98% से अधिक राशि का प्रभावी उपयोग करते हुए इस परियोजना ने ग्रामीण समुदाय की आजीविका और आत्मनिर्भरता को सशक्त किया।
परियोजना की प्रमुख उपलब्धियाँ:
2 लाख ग्रामीण परिवारों की वार्षिक घरेलू आय में औसतन 30% की वृद्धि।
70,000 लाभार्थी महिलाएं, जिनमें से बड़ी संख्या स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी थीं।
1 लाख लाभार्थी SC/ST वर्ग से संबंधित।
2 लाख किसान कृषि और संबंधित सेवाओं से सीधे जुड़े।
तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर:
जोहार परियोजना के तहत ग्रामीण किसानों को उन्नत और जलवायु-संवेदनशील तकनीकों, मूल्य संवर्धन उपायों, और सीधे बाजार संपर्क के माध्यम से बेहतर मुनाफा दिलाने का प्रयास किया गया। इसके लिए उन्हें उत्पादक समूह (PG) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) के रूप में संगठित किया गया।
निजी भागीदारी और वित्तीय समावेशन की नई मिसाल:
परियोजना में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया, जिससे ग्रामीण उत्पादकों को बेहतर मूल्य और विपणन की सुविधा मिली। समुदाय आधारित संस्थानों और वित्तीय सेवाओं की मदद से किसानों को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया गया।
राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरती “जोहार” परियोजना:
जोहार परियोजना की सफलता ने झारखंड को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बना दिया है। इस परियोजना को अब अन्य राज्यों में भी दोहराने योग्य मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।