जमशेदपुर | 19 अक्टूबर 2025
कोल्हान प्रमंडल के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कुङमि समाज का असंतोष अब आंदोलन से आगे बढ़कर वोट बहिष्कार के रूप में सामने आ रहा है। “रेल टेका वार्ता” के नाम पर ठगा महसूस कर रहे कुङमि समाज के लोग अब चुनाव में भाग न लेने की रणनीति बना रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, घाटशिला विधानसभा के सभी 93 कुङमि बहुल गाँवों में अगले 10 दिनों के भीतर कुङमि सामाजिक संगठन का विस्तार और ग्रामसभा स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से समाज अपनी माँगों को पुनः केंद्र और राज्य सरकारों तक पहुँचाएगा।
🔸 समाज की प्रमुख माँगें:
कुङमि जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल किया जाए
कुङमालि भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में स्थान मिले
सरना धर्म कोड की स्वीकृति दी जाए
इन माँगों को लेकर पिछले कई दशकों से संघर्षरत कुङमि समाज का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका नारा रहेगा — “No ST, No Vote.”
समाज के युवा नेता अमित महतो ने कहा कि आने वाले दिनों में सभी गाँवों में ग्रामसभा कर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसे बाद में निर्वाचन आयोग और गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा।
“सरकार को 15 दिनों के भीतर समाज के प्रतिनिधियों से वार्ता करनी चाहिए, अन्यथा घाटशिला उपचुनाव का बहिष्कार तय है। कुङमि समाज अपनी पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेगा,” — अमित महतो
इस बीच, सूरदा में आयोजित जनजागरण बैठक में समाज के प्रमुख सदस्य मानिक महतो, पीयूष महतो, मलया जी और भव तरण जी उपस्थित रहे। बैठक में समाज के विस्तार और रणनीति को लेकर व्यापक चर्चा हुई।