नई दिल्ली / माले:
मालदीव की राजधानी माले में स्थित रक्षा मंत्रालय भवन को हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर सहित भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंगों में विशेष रोशनी से सजाया गया। यह भारत-मालदीव संबंधों में फिर से गर्माहट आने का प्रतीक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार उस सरकार ने ऐसा कदम उठाया है जिसे पहले भारत विरोधी कहा जाता था।
📌 पृष्ठभूमि और महत्व:
यह घटना प्रधानमंत्री मोदी के 25-26 जुलाई 2025 के दो दिवसीय मालदीव राज्य दौरे के दौरान हुई। मोदी को मालदीव की 60वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अथिति के रूप में आमंत्रित किया गया था ।
भारत और मालदीव ने एक समग्र आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी (Comprehensive Economic and Maritime Security Partnership) की रूपरेखा तय की, जिसमें रक्षा मंत्रालय भवन समेत कई परियोजनाएं भारत के सहयोग से विकसित की गईं ।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को दोनों देशों की कूटनीति में ‘नीबरहुड फ़र्स्ट’ नीति और SAGAR विज़न को मजबूत करने वाला माना जा रहा है ।
विशेषज्ञ विश्लेषण:
यह कदम सिर्फ स्वागत की भावना नहीं दर्शाता, बल्कि कूटनीतिक रणनीति का प्रतीक भी है, विशेष रूप से चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के लिए ।
मालदीव में पहले सत्ता में रही “India Out” रुख की तुलना में इस स्वागत ने मोदी-मुईज्जू संबंधों में बदलाव का संकेत दिया है ।