बहरागोड़ा। संवाददाता
बहरागोड़ा स्थित एनएच-18 और एनएच-49 की सर्विस रोड इन दिनों अवैध कब्ज़े और खराब डिज़ाइनिंग की वजह से दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र में बदल गई है। स्थिति इतनी भयावह है कि बहरागोड़ा कॉलेज और प्लस टू उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों को हर दिन जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।
सरकारी मुआवज़ा लेने के बाद भी खाली नहीं की गई जमीन
सूत्रों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण के लिए भू-राजस्व विभाग ने चिन्हित जमीनों का मुआवज़ा कई माह पहले ही जारी कर दिया था। इसके बावजूद कई भू-स्वामी अधिग्रहित जमीन पर अब भी काबिज़ हैं।
इन लोगों ने पुराने भवनों में दुकानें, गुमटियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाकर सर्विस रोड पर भारी अवैध अतिक्रमण खड़ा कर दिया है।
सर्विस रोड संकरी होने के कारण पैदल यात्रियों के लिए चलना मुश्किल हो गया है। वहीं वाहन पार्किंग के कारण सड़क पर अव्यवस्था और बढ़ जाती है।
एनएचएआई पर खराब रोड डिज़ाइनिंग का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएचएआई द्वारा बनाई गई रोड डिज़ाइन ही इस समस्या का मूल कारण है।
डिज़ाइनिंग खामी के कारण जमशेदपुर, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले भारी-भरकम ट्रक मुख्य हाईवे के बजाय इसी सर्विस रोड से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
इसके चलते स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, महिलाएं और आम नागरिक हर दिन हादसे की आशंका के बीच सफर करते हैं। कई बार ट्रकों की रफ्तार से बाल-बाल बचने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
अतिक्रमण और ट्रैफिक अव्यवस्था से बढ़ रहा खतरा
अवैध निर्माण और ट्रकों की आवाजाही से यह सर्विस रोड पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती है।
यह स्थिति स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश का कारण बनी हुई है, क्योंकि एनएचएआई और जिला प्रशासन दोनों स्तर पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग
लोगों ने मांग की है कि—
- अवैध कब्ज़ा तुरंत हटाया जाए
- सर्विस रोड पर ट्रकों की आवाजाही रोकने के लिए डिज़ाइन में सुधार किया जाए
- स्कूल और कॉलेज क्षेत्र को ‘नो-हेवी-व्हीकल जोन’ घोषित किया जाए
- छात्रों की सुरक्षा के लिए जेब्रा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक पोस्टिंग की व्यवस्था की जाए
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार अनदेखी इस सड़क को ‘मौत का कॉरिडोर’ बना रही है और जल्द कार्रवाई न होने पर किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।