Responsive Menu
Add more content here...

केरल में निपाह वायरस का खतरा बढ़ा, तीन जिलों में अलर्ट – 425 से अधिक लोग निगरानी में

Spread the love

तिरुवनंतपुरम | 7 जुलाई 2025

कोविड के बाद अब एक बार फिर केरल में वायरस का खतरा मंडराने लगा है। राज्य के मलप्पुरम, पलक्कड़ और कोझिकोड जिलों में निपाह वायरस के नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वायरस के फैलाव को देखते हुए सरकार ने तीनों जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 425 से अधिक लोगों को निगरानी में रखा गया है। संभावित संक्रमितों की पहचान, आइसोलेशन और टेस्टिंग का काम तेज कर दिया गया है।


क्या है निपाह वायरस?

निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है, जो जानवरों (विशेषकर फल खाने वाले चमगादड़ों) से इंसानों में फैलता है। यह वायरस तेजी से फैलने वाला और जानलेवा माना जाता है। संक्रमण के बाद मरीज को सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार, उल्टी और दिमागी सूजन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।


निपाह वायरस के प्रमुख लक्षण:

  • तेज बुखार और सिरदर्द
  • शरीर में दर्द और थकावट
  • सांस लेने में परेशानी
  • मतली या उल्टी
  • भ्रम या बेहोशी (न्यूरोलॉजिकल लक्षण)

वायरस के फैलने के तरीके:

  • चमगादड़ों के द्वारा खाए गए फल या उनके थूक से दूषित चीजों के संपर्क में आने से
  • संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से
  • संक्रमित जानवरों के जरिए भी संक्रमण संभव

बचाव के उपाय:

✅ चमगादड़ के खाए हुए फल या पेड़ से गिरे फल खाने से बचें
✅ बीमार लोगों से दूरी बनाएं और मास्क पहनें
✅ हाथों को नियमित रूप से धोएं या सैनिटाइज़ करें
✅ किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
✅ खेतों या पशुओं के पास जाने से परहेज़ करें
✅ स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें


सरकार की अपील:

राज्य सरकार ने नागरिकों से संयम बरतने, अफवाहों से दूर रहने और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल निपाह वायरस का कोई विशेष टीका नहीं है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।