रांची में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान उनके काफिले की सुरक्षा में चूक का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में किशोरगंज चौक के पास एक स्कूटी सवार को राष्ट्रपति के कारकेड में घुसते हुए दिखाया गया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने लगे।
हालांकि, जांच के बाद यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक पाया गया है। उपलब्ध वीडियो फुटेज और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, जिस समय स्कूटी सवार सड़क पर दिखाई दिया, उस वक्त राष्ट्रपति का मुख्य काफिला उस मार्ग से काफी पहले ही गुजर चुका था।
बताया गया कि राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री जिस मुख्य वाहन में सवार थे, वह कारकेड पहले ही सुरक्षित रूप से आगे निकल चुका था। वीडियो में नजर आ रही अन्य गाड़ियां मुख्य राष्ट्रपति काफिले का हिस्सा नहीं थीं।
जानकारी के मुताबिक, स्कूटी चला रहा व्यक्ति स्पेशल ब्रांच का जवान था, जो अपनी ड्यूटी के तहत सूचना संकलन में तैनात था। मुख्य काफिले के गुजरने के बाद वह अपने निर्धारित गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान किशोरगंज चौक पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया।
इस दृश्य को देखकर कुछ लोगों ने सुरक्षा में चूक होने का अनुमान लगा लिया, जबकि वास्तविकता इससे अलग थी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के मुख्य काफिले में किसी भी अजनबी या अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश नहीं हुआ।
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार थी। वायरल वीडियो को गलत संदर्भ में पेश कर अफवाह फैलाई जा रही है।
इस पूरे मामले से यह स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं हुई और सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।