रांची। भारतीय डाक विभाग ने अपनी पारंपरिक सेवाओं में बड़ा बदलाव करते हुए एक सितंबर 2025 से पूरे देश में रजिस्ट्री और पार्सल सेवाओं को बंद कर दिया है। अब ये दोनों सेवाएं स्पीड पोस्ट के साथ एकीकृत कर दी गई हैं।
रजिस्ट्री सेवा की शुरुआत वर्ष 1877 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों और कागजातों की सुरक्षित डिलीवरी करना और ग्राहकों को कानूनी मान्यता प्राप्त प्रूफ ऑफ डिलीवरी उपलब्ध कराना था। उसी साल भारतीय डाक ने मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पार्सल और वीपीपी सेवाएं भी शुरू की थीं। लंबे समय तक ये सेवाएं लोगों के लिए भरोसे का पर्याय बनी रहीं।
बदलते समय में निजी कंपनियों ने कूरियर सेवाओं की शुरुआत की, जिससे डाक विभाग को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1986 में स्पीड पोस्ट सेवा शुरू की गई, जिसका मकसद था देशभर में पत्र और पार्सल की तेज एवं विश्वसनीय डिलीवरी उपलब्ध कराना।
डाक विभाग का कहना है कि अब परिचालन को और सरल एवं आधुनिक बनाने के लिए यह बड़ा निर्णय लिया गया है। विभाग के मुताबिक, रजिस्ट्री की सुविधाएं — जैसे सुरक्षित डिलीवरी, ऑनलाइन ट्रैकिंग और डिलीवरी प्रूफ — अब सीधे स्पीड पोस्ट के अंतर्गत मिलेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ग्राहकों को एक ही सेवा के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, साथ ही डाक विभाग को निजी कूरियर कंपनियों से बेहतर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।