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कांग्रेस को बड़ा झटका: शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार के खिलाफ बोलने से किया इनकार

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नई दिल्ली, 28 जुलाई 2025:
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और थिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने संसद में चल रही ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित बहस में बोलने से साफ इनकार कर दिया है। कांग्रेस संसदीय टीम ने प्रमुख रूप से उनसे सरकार के खिलाफ सशक्त भाषण देने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह इस ऑपरेशन की सफलता को नकार नहीं सकते हैं क्योंकि उन्होंने पहले सार्वजनिक रूप से इसे समर्थन दिया था ।

क्यों ठुकराया मौका?

सूत्रों की मानें तो थरूर के पास पार्टी नेतृत्व की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर पार्टी की आलोचनात्मक पंक्ति के अनुरूप बोलने का प्रस्ताव था। उन्होंने बताया कि उन्हें यूपीए‑कालीन बयानबाज़ी से अलग अपनी निजी और देशहित के आधार पर अपना रुख निर्धारित करना चाहिए ।

संसद में मीडिया से बात करते हुए थरूर ने केवल शब्द दोहराए:
“मौनव्रत, मौनव्रत” — जो उनकी मौन नीति और किसी बयान से परहेज़ का संकेत था ।

तनातनी और पार्टी में असहमति

थरूर पहले ही पीएसपी की विदेश यात्रा के दौरान ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन कर चुके थे। उन्होंने कहा था कि यह एक रणनीतिक प्रतिक्रिया थी, आवश्यक और समय बंधित कार्रवाई थी, जो आतंकवाद और पाकिस्तान-ओरिएंटेड ताकतों को संदेश देने वाली थी ।

उनकी इस स्थिति पर कांग्रेस नेतृत्व ने प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें वरिष्ठ नेता उदित राज ने थरूर पर “बीजेपी का सुपर स्पोक्सपर्सन” होने का आरोप लगाया, जबकि जयराम रमेश ने थरूर के मत उसे पार्टी की औपचारिक राय मानने से इनकार किया और कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत धारणा है ।

🌐 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन

बहरहाल, बीजेपी नेता किरण रिजिजू ने थरूर को खुलकर समर्थन देते हुए कांग्रेस की आलोचना की कि उसने थरूर को पूरी तरह से घेर लिया है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि कांग्रेस को देशहित की बजाय内部 राजनीति क्यों अधिक महत्वपूर्ण लग रही है? ।

✔️ प्रमुख बिंदु:

पहलू विवरण

शशि थरूर की प्रतिक्रिया मौनव्रत (मीडिया से बचाव), ऑपरेशन सिंदूर को सफलता के रूप में देखता हैं
कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया आलोचना, पार्टी लाइन से अलगाव
पीएमओ रवैया थरूर को विदेशी मिशन में शामिल करने की सराहना, लेकिन कांग्रेस में विरोध
राजनीतिक प्रभाव व्यक्ति पर संकट, पार्टी की अंदरूनी असहमति उजागर