नई दिल्ली, 28 जुलाई 2025:
लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने सोमवार को सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पाहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार की प्रतिक्रिया कमजोर रही और भारत–पाक सीज़फायर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि यह फैसला किन परिस्थितियों में और किसके दबाव में लिया गया।
“सीज़फायर, लेकिन किस कीमत पर?” — गोगोई का हमला
गौरव गोगोई ने कहा,
“राजनाथ सिंह कहते हैं हम घुस कर मारते हैं, लेकिन हमला हो जाने के बाद हमने पाकिस्तान से सीज़फायर क्यों स्वीकार किया? क्या प्रधानमंत्री मोदी ने किसी के दबाव में आकर यह फैसला लिया?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब देश आतंकवादी हमले से जूझ रहा था, तब प्रधानमंत्री विदेश दौरे से लौटकर बिहार में चुनावी रैली कर रहे थे, लेकिन पहलगाम नहीं गए। केवल राहुल गांधी ही वहां पीड़ितों से मिलने पहुंचे।
ट्रंप का दखल और कांग्रेस की आपत्ति
गोगोई ने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए पूछा कि क्या भारत ने अमेरिकी दबाव में पाकिस्तान से सीज़फायर किया?
कांग्रेस का दावा है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद पाकिस्तान के साथ एकतरफा युद्धविराम कर रणनीतिक बढ़त खो दी।
राजनाथ सिंह से भी जवाब तलब
गोगोई ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर भी तंज कसते हुए कहा कि केवल “घुस के मारेंगे” बोलने से काम नहीं चलेगा।
“अब तक न तो आतंकियों की पहचान स्पष्ट हुई है, न ही उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है। जवाबदेही तय होनी चाहिए।”