चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह)
हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत शिवराम आश्रम, तुलसीबनी में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पंचवटी वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि बहरागोड़ा के विधायक समीर महंती ने स्वयं उपस्थित होकर पंचवटी वृक्षों में से एक पवित्र वृक्ष का रोपण किया और लोगों को पर्यावरण संरक्षण व सनातन परंपरा के महत्व का संदेश दिया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचवटी वृक्ष — पीपल, आंवला, वट (बरगद), बेल और अशोक — का संयोजन परम पवित्र माना गया है।
“पंचानांग वटानां समाहार इति पंचवटी!”
अर्थात पाँच पवित्र वृक्षों का समूह ही पंचवटी कहलाता है। इनमें पीपल और आंवला को भगवान विष्णु, बरगद को ब्रह्मा, बेल को भगवान शिव, और अशोक को मां सीता का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर विधायक समीर महंती ने कहा, “हरियाली अमावस्या प्रकृति से जुड़ने और सनातन संस्कृति को पुनः स्मरण करने का अवसर है। पंचवटी जैसे पवित्र वृक्षों का रोपण न केवल धार्मिक रूप से पुण्यदायी है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक प्रेरणादायक पहल है।”
मान्यता है कि हरियाली अमावस्या पर पंचवटी वृक्षारोपण से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यही पंचवटी क्षेत्र महाराष्ट्र के नासिक में स्थित वह स्थल है जहाँ श्रीराम और माता सीता ने अपने वनवास के दौरान समय बिताया था। यहीं श्रीरामकृष्ण परमहंस ने साधना की और बाद में स्वामी विवेकानंद ने भी तपस्या की थी।
इस आयोजन में विधायक के साथ-साथ प्रखंड प्रमुख शिवचरण हांसदा, प्रखंड अध्यक्ष धनंजय करुणामय, आश्रम प्रतिनिधि, स्थानीय श्रद्धालु और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पंचवटी वृक्षों का रोपण कर धर्म और प्रकृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की