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आईएसएल से जेएफसी के बाहर रहने पर फुटबॉल प्रेमियों का विरोध, टाटा स्टील से फैसले पर पुनर्विचार की मांग

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जमशेदपुर: जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) के आगामी 2026-27 सत्र में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का हिस्सा नहीं बनने को लेकर शहर के फुटबॉल प्रेमियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रविवार को बड़ी संख्या में फुटबॉल समर्थकों ने साकची गोलचक्कर से जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

रैली में शामिल समर्थकों ने जेएफसी को आगामी आईएसएल सत्र में शामिल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने टाटा स्टील प्रबंधन से क्लब को लेकर लिए गए फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की।

फुटबॉल प्रेमियों का कहना है कि जमशेदपुर और जेएफसी का रिश्ता केवल एक फुटबॉल क्लब तक सीमित नहीं है। वर्षों से क्लब शहर की खेल संस्कृति और फुटबॉल प्रेमियों की भावनाओं का अहम हिस्सा रहा है। ऐसे में आईएसएल के आगामी सत्र से जेएफसी के बाहर रहने की खबर से समर्थकों में निराशा है।

समर्थकों का कहना है कि जेएफसी के मुकाबलों के दौरान जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बनने वाला माहौल जमशेदपुर की फुटबॉल संस्कृति की पहचान बन चुका है। इसलिए क्लब की आईएसएल में भागीदारी को लेकर प्रबंधन को समर्थकों की भावनाओं पर भी विचार करना चाहिए।

आईएसएल 2026-27 में शामिल होने वाली टीमों के नामांकन की अंतिम तिथि को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने 31 जुलाई से बढ़ाकर 12 अगस्त 2026 कर दिया है। नामांकन की समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद जेएफसी समर्थकों को उम्मीद जगी है कि क्लब के पास आगामी सत्र में शामिल होने का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

फुटबॉल प्रेमियों ने टाटा स्टील प्रबंधन से नई समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए जेएफसी की आईएसएल में भागीदारी की संभावनाओं पर दोबारा विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि जमशेदपुर जैसे फुटबॉल प्रेमी शहर के लिए जेएफसी की आईएसएल में मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण है।

रैली के माध्यम से समर्थकों ने स्पष्ट किया कि जेएफसी को आईएसएल में वापस लाने की मांग को लेकर उनकी आवाज आगे भी उठती रहेगी। फुटबॉल प्रेमियों ने उम्मीद जताई कि टाटा स्टील प्रबंधन शहर की फुटबॉल संस्कृति और समर्थकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेगा।