जमशेदपुर में टाटा पावर मजदूर यूनियन ने पूर्व विधायक एवं आदिवासी समाज के चर्चित नेता सूर्य सिंह बेसरा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूनियन का कहना है कि सूर्य सिंह बेसरा वर्तमान में टाटा पावर कंपनी में संवेदक के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें 1 तारीख से नया ठेका आवंटित किया गया है।
यूनियन के अनुसार, ठेका मिलते ही कंपनी में पिछले 15 वर्षों से ठेका कर्मी के रूप में कार्यरत एक महिला कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया गया, जिसे मजदूर विरोधी कदम बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर मजदूरों में भारी आक्रोश है।
टाटा पावर मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष अम्बुज ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक जनप्रतिनिधि और आदिवासी समाज के नेता के संवेदक बनते ही मजदूरों को काम से निकाला जा रहा है। उन्होंने इसे मजदूर हितों के खिलाफ बताया।
इसके साथ ही यूनियन ने टाटा पावर कंपनी के एक अधिकारी सुभोजीत घोष पर भी आरोप लगाए हैं। यूनियन का कहना है कि संबंधित अधिकारी संवेदकों के साथ मिलकर लगातार मजदूरों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो मजदूर यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी और अपने हक की लड़ाई को और तेज करेगी।