नई दिल्ली। अबुआ खबर डेस्क
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने आज एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाली यह बैठक आज शाम 5 बजे संसद भवन में आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस बैठक को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक के दौरान सरकार ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते टकराव सहित पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की स्थिति पर विस्तार से जानकारी साझा करेगी। इसके साथ ही भारत की कूटनीतिक रणनीति, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाए जा रहे कदमों और भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए संभावित निकासी योजना (एवाक्युएशन प्लान) पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है। इसके अलावा ऊर्जा आपूर्ति पर संकट के संभावित प्रभाव, खासकर कच्चे तेल की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सरकार इस बैठक के माध्यम से सभी राजनीतिक दलों को स्थिति से अवगत कराते हुए एक साझा और संतुलित दृष्टिकोण तैयार करना चाहती है। विपक्षी दलों द्वारा लगातार इस मुद्दे पर स्पष्टता की मांग की जा रही थी, ऐसे में यह बैठक संवाद और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में इस विषय पर अपनी बात रख चुके हैं, जहां उन्होंने सरकार की तैयारियों और भारत के रुख को स्पष्ट किया था। माना जा रहा है कि वे राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर विस्तार से जानकारी देंगे और देश की रणनीति को लेकर सदन को भरोसा दिलाएंगे।
मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए यह बैठक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें भारत की ‘संतुलित और रणनीतिक’ विदेश नीति पर जोर दिया जाएगा, ताकि देश के हित सुरक्षित रह सकें और किसी भी परिस्थिति में भारत मजबूती से अपनी स्थिति बनाए रख सके।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह पहल न केवल राजनीतिक एकजुटता को मजबूत करने की कोशिश है, बल्कि वैश्विक संकट के बीच देश के हितों की रक्षा के लिए ठोस रणनीति तैयार करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।