चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर चाकुलिया के नया बाजार स्थित दिशोम जाहेर थान में एक भावपूर्ण शोकसभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आसेका झारखंड, दिशोम जाहेर थान कमेटी, अखिल भारतीय संथाली लेखक संघ (झारखंड शाखा), बाबा तिलका मांझी धरम थान और होलोंग गाढ़ा घारोंज के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर गुरुजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया।
कार्यक्रम में आसेका झारखंड के अध्यक्ष सुभाष चंद्र मांडी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन सदैव गरीबों, किसानों और आदिवासियों की आवाज बने रहे। उनके संघर्ष और आंदोलनों के परिणामस्वरूप झारखंड राज्य की स्थापना संभव हुई। उन्होंने कहा कि गुरुजी के विचार और संघर्षशील जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
शोकसभा में माझी बाबा सुनाराम बास्के, हरिपद मुर्मू, सोहराय बास्के, जीतेन हेंब्रम, दासो सोरेन, रामेश्वर मांडी, मानिक हांसदा, मोहन चंद्र बास्के, श्रीनाथ मुर्मू, मानिक चंद्र टुडू और स्वरूप मुर्मू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गुरुजी के प्रति अपार श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हुए लोगों ने उन्हें झारखंड के जननायक और आदिवासी समाज के संरक्षक के रूप में याद किया।