आज रात आकाश में इस साल का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिल रहा है । यह ग्रहण भारत सहित विश्व के कई हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। खगोल विज्ञान और ज्योतिष दोनों दृष्टिकोण से इसे विशेष महत्व प्राप्त है।
चंद्र ग्रहण रात 9:58 बजे शुरू हुआ और इसका मध्यकाल रात 11:41 बजे रहेगा। ग्रहण रात 1:26 बजे समाप्त होगा। कुल मिलाकर यह प्रक्रिया लगभग 3 घंटे 28 मिनट तक चलेगी।
ग्रहण के दौरान सूटक काल का पालन करना शुभ माना जाता है। इस बार सूतक काल दोपहर 12:58 बजे से शुरू हो गया है। इस समय कोई भी शुभ कार्य, यात्रा, धार्मिक आयोजन या खाना पकाना वर्जित है। मंदिरों के पट भी ग्रहण के समय बंद रहते हैं।
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना लाभकारी है। मंत्र इस प्रकार है:
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्”
इसके अलावा गुरु मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रहण का प्रभाव लोगों की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर पड़ सकता है, इसलिए ग्रहण काल में सावधानी बरतना आवश्यक है।