जमशेदपुर संवाददाता
बिस्टुपुर स्थित जुबिली पार्क में पिछले 40 वर्षों से चाय और झालमूढ़ी बेचकर आजीविका चलाने वाले खोमचेवालों पर अब संकट मंडराने लगा है। जूसको की एसआरटी टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्क से बाहर कर दिया। इस दौरान टीम पर मारपीट करने और दुर्व्यवहार के भी आरोप लगे हैं।
खोमचेवालों का कहना है कि वे दशकों से पार्क में घूम-घूमकर चाय और झालमूढ़ी बेचते आ रहे हैं, जिससे उनके परिवार का गुजारा चलता है। लेकिन अब उन्हें अचानक पार्क से भगा दिया गया है। 15 दिनों से काम बंद होने के कारण परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है।
पीड़ित विक्रेताओं ने बताया कि वे हमेशा स्वच्छता का ध्यान रखते हैं। कागज और कचरा उठाकर शाम को घर लौटते हैं, बावजूद इसके जूसको की टीम उन्हें प्रताड़ित कर रही है। खोमचेवालों ने सवाल उठाया—
“हमारी क्या गलती है? हमें क्यों पीटा जा रहा है? क्यों झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है?”
त्योहार नजदीक होने के बावजूद वे बेरोजगार हैं और अपने बच्चों की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि “40 साल पुराना रोजगार कैसे अचानक छोड़ा जा सकता है।”
परेशान होकर सभी खोमचेवालों ने जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो से गुहार लगाई है। उनका आग्रह है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें फिर से पार्क में काम करने की अनुमति दिलाई जाए, ताकि उनके परिवार दोबारा संकट से बाहर निकल सकें।