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पानीपाड़ा स्वर्णरेखा नदी घाट पर अवैध बालू उठाव को लेकर दो गांवों में विवाद, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

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बहरागोड़ा (संवाददाता – एन. बेरा)।
बहरागोड़ा प्रखंड के बरागाड़िया पंचायत अंतर्गत पानीपाड़ा स्वर्णरेखा नदी घाट पर अवैध बालू उठाव को लेकर विवाद गहरा गया है। बरागाड़िया और पानीपाड़ा गांव के बीच इसे लेकर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व बरागाड़िया गांव के बतबती टोला के कई लाभुकों को अबुआ आवास योजना की स्वीकृति मिली थी। इसके लिए जब ग्रामीण ट्रैक्टर से बालू लाने पानीपाड़ा घाट पहुंचे, तो आरोप है कि पानीपाड़ा गांव के कुछ लोगों ने उनसे जबरन चंदा मांगा और पैसे नहीं देने पर बालू ले जाने से रोक दिया। इसी को लेकर दोनों गांवों के बीच विवाद शुरू हो गया।

इस विवाद के खिलाफ सोमवार को बरागाड़िया और बतबती गांव के ग्रामीणों ने नदी घाट पर अवैध बालू उठाव के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टरों से बालू उठाव हो रहा है, जिससे सड़कों की हालत बदतर हो गई है। स्कूली बच्चों की आवाजाही के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, रात के समय ट्रैक्टरों की आवाज से लोगों की नींद भी प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पानीपाड़ा गांव के लोग बालू उठाव के बाद अलग-अलग मदों में चंदा वसूली करते हैं—जगन्नाथ मंदिर के लिए 100 रुपये, बीएनसीसी क्लब के लिए 50 रुपये, मां मनसा हरिजन क्लब के लिए 50 रुपये और काला बूढ़ी पूजा के लिए 50 रुपये।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बहरागोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी से माहौल शांत है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध बालू उठाव पर रोक नहीं लगी, तो कभी भी गंभीर दुर्घटना घट सकती है।