रांची: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 10 जुलाई को झारखंड की राजधानी रांची दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वह होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित होने वाली पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में झारखंड और ओडिशा के मुख्यमंत्री, बिहार और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधि, विभिन्न राज्यों के मंत्री और वीवीआईपी अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक को लेकर झारखंड सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज केजरीवाल ने रांची पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक के मद्देनज़र राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए गए हैं।
झारखंड सरकार की अहम मांगें:
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड सरकार केंद्र सरकार के समक्ष कई लंबित और आवश्यक मुद्दे उठाने जा रही है। इनमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:
- केंद्र से बकाया राशि की मांग
- विशेष केंद्रीय अनुदान (Special Central Grant) की मांग
- SRE फंड की बहाली
- बिहार और पश्चिम बंगाल के साथ लंबित मामलों पर चर्चा
- 26वीं बैठक में लिए गए निर्णयों पर प्रगति रिपोर्ट (ATR) की समीक्षा
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद का गठन राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और विकास से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालने के उद्देश्य से किया गया है। इस बैठक के माध्यम से झारखंड को कई जरूरी मुद्दों पर केंद्र से राहत मिलने की उम्मीद है।
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव:
अमित शाह के दौरे और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए रांची पुलिस ने ट्रैफिक प्लान में बदलाव किया है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
यह बैठक पूर्वी भारत के राज्यों के लिए विकास के नए रास्ते खोल सकती है और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती देने का काम करेगी।