रांची/डेस्क:
झारखंड में चर्च सुरक्षा को लेकर सिमडेगा प्रशासन की प्रस्तावित बैठक पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार मतांतरण कराने वाले गिरोहों को संरक्षण और बढ़ावा दे रही है।
बाबुलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार को सिर्फ चर्च की सुरक्षा की चिंता है, लेकिन सरना-मसना, जाहिर थान, मांझी थान, मंदिर, गुरुद्वारा और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर कभी कोई बैठक या समीक्षा नहीं की जाती। उन्होंने इसे धार्मिक पक्षपात बताया और कहा कि सरकार का यह रवैया समाज को बांटने का काम कर रहा है।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि जब संताल परगना और कोल्हान क्षेत्र में सरना और जाहिर थान स्थलों पर अतिक्रमण की घटनाएं हुईं, तब प्रशासन ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि “सरकार को केवल एक धर्म की सुरक्षा की चिंता है, बाकी धर्मस्थलों की सुरक्षा उसके एजेंडे में नहीं है।”
मरांडी ने आगे कहा कि सिमडेगा जैसे जिलों में चंगाई सभा और धार्मिक मतांतरण का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है, और सरकार की चुप्पी इस बात का संकेत है कि वह इन गतिविधियों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को बुलाकर समान रूप से सुरक्षा पर चर्चा करे, ताकि किसी भी समुदाय में असंतोष न पनपे।
उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में धार्मिक समानता और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।