जमशेदपुर। संवाददाता
जमशेदपुर के भुइयाँडीह क्षेत्र में हाल ही में सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान कई घरों को गिराए जाने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पिछले कई दिनों से प्रभावित परिवार लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार की शाम बस्तीवासियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।
सड़क चौड़ीकरण में टूटे घर, बढ़ा आक्रोश
बस्ती के लोगों का कहना है कि उनके घरों को बिना उचित वैकल्पिक व्यवस्था और बिना संतोषजनक संवाद के तोड़ा गया, जिससे सैकड़ों लोग बेघर जैसी स्थिति में पहुंच गए। इसी कारण इलाके में तनाव और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पुतला दहन कर जताया विरोध
सोमवार शाम बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान लोगों ने सरकार से न्याय और पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने की मांग की।
स्थानीय लोगों ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासी बलदेव भुइयाँ ने कहा कि बस्ती के लोग खुद को उपेक्षित और धोखा खाया महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा—
“जब गुरूजी सक्रिय राजनीति में थे, तब वे इस बस्ती की समस्याओं को सुनते थे और बस्तीवासियों के संरक्षक की तरह खड़े रहते थे। लेकिन उनके जाने के बाद मौजूदा मुख्यमंत्री, जो उनके पुत्र हैं, ने बस्ती को हालात पर छोड़ दिया है। इसी पीड़ा और नाराजगी की वजह से आज लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा।”
सरकार से न्याय की मांग
बस्तीवासियों ने राज्य सरकार से स्पष्ट मांग की है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा, पुनर्वास और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।