जमशेदपुर | संवाददाता
कदमा निवासी और टाटा स्टील में कार्यरत 63 वर्षीय बिरंची महतो ने शहर को एक और “शतकवीर रक्तदाता” देने का गौरव बढ़ाया है। रेयर ग्रुप के रक्त की कमी के बीच उन्होंने सोमवार, 25 नवंबर 2025 को जमशेदपुर ब्लड सेंटर में अपना 100वां रक्तदान पूरा किया।
1987 में शुरू की थी सेवा की पारी
बिरंची महतो ने 16 जून 1987 को रक्तदान की शुरुआत की थी। इसके बाद वे कभी रुके नहीं—
25वां रक्तदान: 8 मार्च 1997
50वां रक्तदान: 6 मई 2005
75वां रक्तदान: 26 मार्च 2012
और आज उन्होंने अपने पूरे परिवार की उपस्थिति में शतकीय उपलब्धि हासिल कर ली।
परिवार को दिया सफलता का श्रेय
मृदुभाषी और सौम्य स्वभाव के बिरंची महतो ने अपने 100वें रक्तदान को अपने माता-पिता—स्वर्गीय हरीश चंद्र महतो और भवानी देवी—को समर्पित किया।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा में सबसे बड़ा हौसला उन्हें उनकी पत्नी बालिका देवी से मिला, जबकि रक्तदान की प्रेरणा उन्हें कदमा निवासी दिलीप घोष ने दी थी।
बिरंची महतो ने अपनी इस सामाजिक मुहिम में अपने बेटे, बेटी, पुत्रवधू, दामाद और भतीजे को भी जोड़ा, ताकि स्वैच्छिक रक्तदान को और बढ़ावा मिल सके।
सम्मान समारोह में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि
रक्तदान के बाद जमशेदपुर ब्लड सेंटर की ओर से उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। वहीं टीम पीएसएफ की ओर से निदेशक अरिजीत सरकार ने उन्हें टी-शर्ट सहित कई सम्मान चिह्न प्रदान किए।
समारोह में परिवार के सदस्य —
सची रानी महतो, श्रवण कुमार, अंजली कुमारी, देवाशीष महतो, लाल कुमार महतो और त्विशा देव — उपस्थित रहे।
कई वरिष्ठ रक्तदाता और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जमशेदपुर ब्लड सेंटर की डॉ. रीता सिंह, धनंजय कुमार, तापस, रश्मि श्रीवास्तव तथा 130 बार रक्तदान कर चुके वरिष्ठ रक्तदाता कुमारेस हाजरा सहित टीम पीएसएफ के सदस्य उपस्थित थे।