चाकुलिया, 15 जून 2025:
चाकुलिया के पुराना बाजार स्थित चंडेश्वर शिव मंदिर प्रांगण में रविवार से पांच दिवसीय चड़क पूजा की शुरुआत कलश स्थापना के साथ हुई। परंपरा के अनुसार, पहले दिन भोक्ताओं ने कमारीगोड़ा स्थित पक्का घाट तालाब में स्नान कर कलश में जल भरा और गाजे-बाजे के साथ उसे मंदिर में स्थापित किया।
पूजा का संचालन मंदिर के पुजारी शिवदास पांडा के अनुसार, आने वाले चार दिनों तक वे प्रतिदिन पक्का घाट तालाब से स्नान के बाद भूमि पर लोटते हुए मंदिर पहुंचेंगे और शिवलिंग की पूजा करेंगे। यह पूजा साधना और आस्था का प्रतीक मानी जाती है।
पंडा ने विधिपूर्वक किया। इसके बाद भोक्ताओं ने तालाब में पुनः स्नान किया और नृत्य-गान के साथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
पांच दिनों तक निभाई जाएगी कठिन साधना
भोक्ताओं के अनुसार, आने वाले चार दिनों तक वे प्रतिदिन पक्का घाट तालाब से स्नान के बाद भूमि पर लोटते हुए मंदिर पहुंचेंगे और शिवलिंग की पूजा करेंगे। यह पूजा साधना और आस्था का प्रतीक मानी जाती है।
पूजा के अंतिम दिन भोक्ता अपनी देह पर कठोर साधना के संकेतस्वरूप जीभ और पीठ में कील घोंपते हैं, अंगारों पर चलते हैं, और कीलों पर लेटकर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहती है।
मौके पर उपस्थित रहे कई भोक्ता
इस चड़क पूजा में अशोक दास, मुन्ना भारती, अशोक सीट, हरो सीट, गोपाल दास, हेमंत नाथ, अर्जुन दास, निताई दास, कोका नामाता, तरूण नामाता, कार्तिक दास समेत कई अन्य भोक्ता शामिल हुए।
