चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) :
चाकुलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मातृ और शिशु कल्याण को लेकर एक सराहनीय पहल की गई है। उपायुक्त के निर्देश पर अब प्रत्येक प्रसव के उपरांत, डिस्चार्ज से पहले ही नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है। इससे नवजात के दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया सरल और त्वरित हो गई है।
सोमवार को चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संपा मन्ना घोष ने तीन नवजातों के जन्म प्रमाण पत्र जारी कर संबंधित माताओं को डिस्चार्ज किया। यह व्यवस्था जुलाई माह से लागू की गई है, जिसके तहत अब तक कुल 85 महिलाओं का प्रसव कराया जा चुका है और सभी को उनके नवजातों के जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही अस्पताल से छुट्टी दी गई है।
प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक ने जानकारी दी कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों का समय पर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित हो रहा है और भविष्य में शैक्षणिक व सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना भी सुगम होगा।
इस मौके पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संपा मन्ना घोष के साथ सतीश कुमार वर्मा (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक), माधो रानी मांडी (कंप्यूटर ऑपरेटर), दीपिका महतो (प्रसव कक्ष प्रभारी), एएनएम मंजू कुमारी, गंगा कुमारी (जीएनएम), जेमा महतो, और कई सहिया उपस्थित रहीं।
✍️ मुख्य बिंदु:
अब डिस्चार्ज से पूर्व नवजात का जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से जारी किया जा रहा है।
जुलाई 2025 में अब तक 85 जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किए जा चुके हैं।
यह प्रक्रिया शिशु के अधिकारों और सरकारी लाभों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने में मददगार होगी।