चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) चाकुलिया नगर पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित पुरनापानी गांव की हर गौरी शॉप फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे में घायल मजदूर शशधर महतो (70) की इलाज के दौरान मौत हो गई। विगत 16 जून को फैक्ट्री में कार्यरत शशधर महतो गर्म सिलिकेट के हौदा में गिरकर गंभीर रूप से झुलस गए थे। 23 जून को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
मंगलवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव जब गांव लाया गया, तो परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव को फैक्ट्री गेट पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए ग्रामीण फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
हादसे की पूरी कहानी
परिजनों के अनुसार, शशधर महतो हर गौरी फैक्ट्री में गेटकीपर के रूप में कार्यरत थे। 16 जून की रात किसी कर्मचारी के कहने पर जब वे लाइट जलाने गए, उसी दौरान वे संतुलन खो बैठें और गर्म सिलिकेट से भरे हौदा में गिर गए। इससे उनका शरीर बुरी तरह झुलस गया।
फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें पहले चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, फिर वहां से झारग्राम रेफर किया गया। स्थिति बिगड़ने पर झारग्राम से मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 23 जून को उनकी मृत्यु हो गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी गई।
मुआवजे की मांग को लेकर विरोध
मृतक के परिजन और ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने इस दुर्घटना को छिपाने का प्रयास किया और न ही किसी प्रकार की सहायता या मुआवजा देने की बात कही। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को फैक्ट्री गेट के पास रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
मौके पर मौजूद मृतक के पुत्र भुवन महतो, पत्नी ललिता महतो, परिवार के सदस्य, पूर्व वार्ड पार्षद शतदल महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण डटे हुए हैं।

प्रशासन नहीं पहुंचा मौके पर
समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है। प्रदर्शनकारी तब तक फैक्ट्री गेट से नहीं हटने की बात कह रहे हैं, जब तक उचित मुआवजा और कार्रवाई की घोषणा नहीं की जाती |