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चाकुलिया: रूपुषकुंडी गांव में वन विभाग ने निर्माणाधीन अबुआ आवास तोड़े, महिलाओं ने जताया आक्रोश

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चाकुलिया संवाददाता रोहन सिंह
चाकुलिया प्रखंड के सरडीहा पंचायत अंतर्गत रूपुषकुंडी गांव में मंगलवार को वन विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम ने निर्माणाधीन तीन अबुआ आवासों की दीवारों को तोड़ दिया, जिससे लाभुक महिलाओं में नाराजगी देखी गई।

लाभुकों का आरोप: बिना सूचना के की गई कार्रवाई
आवास की लाभुक महिलाओं — लक्ष्मी नायक, छवि नायक और सुभाषिनी नायक — ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के निर्माणाधीन मकानों की दीवारें तोड़ी। महिलाओं ने बताया कि जब वन विभाग की टीम पहुंची, उस समय घर पर कोई नहीं था। फावड़ा और गैता से दीवारें तोड़ दी गईं।

50 वर्षों से रह रहे हैं वहां
लाभुक महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से उक्त जमीन पर निवास कर रही हैं। अबुआ आवास योजना के तहत उन्हें पहली किस्त की राशि ₹30,000 मिली थी। उसमें उन्होंने अपनी निजी राशि मिलाकर मकान की तीन-चार फीट ऊंची दीवार तैयार कर ली थी।

जनप्रतिनिधियों को भी नहीं दी गई सूचना
पंचायत की मुखिया दानगी सोरेन और पंसस तापस कुमार महतो ने भी वन विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें भी किसी प्रकार की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि बिना मापी कराए निर्माणाधीन मकानों को तोड़ना गलत है।

अधिकारियों ने दी अपनी प्रतिक्रिया
अबुआ आवास के प्रखंड समन्वयक रजत महापात्रा ने बताया कि लाभुकों द्वारा जमीन के दस्तावेज दिए गए थे, जिसके आधार पर उन्हें योजना का लाभ मिला। वहीं, प्रभारी वन क्षेत्र पदाधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि निर्माण वन भूमि पर हो रहा था, इसलिए विभाग ने कार्रवाई की है।

प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
प्रखंड विकास पदाधिकारी आरती मुंडा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।