चाकुलिया, संवाददाता (रोहन सिंह)
चाकुलिया नगर क्षेत्र में मंगलवार को हरतालिका तीज का पावन पर्व महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया। नगर के विभिन्न मंदिरों सहित घर-आंगन में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ व्रत-पूजा कर शिव-पार्वती की आराधना की। महिलाएं पारंपरिक परिधान और श्रृंगार में सजी-धजी नजर आईं और दिनभर निर्जला व्रत रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना की।
🌸 पर्व का महत्व
हरतालिका तीज का संबंध देवी पार्वती और भगवान शिव की कथा से है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने कठोर तप कर शिवजी को पति रूप में प्राप्त किया था। “हरतालिका” शब्द का अर्थ है ‘सखी द्वारा ले जाना’, क्योंकि पार्वती की सहेलियों ने उन्हें पिता के दबाव से बचाकर वन में इस व्रत को करने में मदद की थी।
यह पर्व वैवाहिक जीवन की मंगलकामना, वैवाहिक सुख, परिवार की खुशहाली और स्त्री शक्ति के प्रतीक रूप में मनाया जाता है।
🙏 व्रत और पूजा विधि
महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और रात्रि जागरण के साथ शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
मिट्टी से शिव-पार्वती और गणेश की प्रतिमा बनाकर उनका श्रृंगार और पूजन किया जाता है।
कथा वाचन और भक्ति गीतों के बीच महिलाएं सामूहिक रूप से व्रत-पूजा करती हैं।
अविवाहित कन्याएं भी उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।
🌺 सामाजिक और सांस्कृतिक पक्ष
तीज पर्व महिलाओं की आपसी एकजुटता, सामाजिक जुड़ाव और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का प्रतीक है। इस अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का भी आयोजन होता है, जो पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्सवधर्मी बना देता है।