चाकुलिया, पूर्वी सिंहभूम संवाददाता ( रोहन सिंह) — स्वर्णरेखा सिंचाई परियोजना के तहत चाकुलिया प्रखंड में पाइपलाइन बिछाने का कार्य किसानों और ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। मालकुंडी गांव समेत आसपास के इलाकों में संवेदक द्वारा मनमानी ढंग से सड़कों और निजी जमीनों की खुदाई किए जाने से किसानों में भारी आक्रोश है।
बिना अनुमति खेतों में जेसीबी से खुदाई, सड़कों की हालत बदतर
जुगीतोपा, कुचियाशोली और सिमदी पंचायत के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पाइप बिछाने वाली कंपनी राजगिरी सिंह कंस्ट्रक्शन ने बिना पूर्व सूचना या अनुमति के कई किसानों की रैयती जमीन में रातों-रात जेसीबी मशीन से गड्ढे खोद दिए। यही नहीं, कई स्थानों पर ग्रामीण सड़कों को भी काटकर अधूरी भराई कर दी गई, जिससे सड़कें अब जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो गई हैं।
बारिश के चलते सड़क पर फिसलन और कीचड़ बढ़ गया है, जिससे छोटे वाहन फंस रहे हैं और हादसों का खतरा बढ़ गया है।
किसानों का विरोध, जेसीबी और ट्रैक्टर रोके गए
शुक्रवार को मालकुंडी गांव में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया। किसानों और ग्रामीणों ने कंपनी की मशीनरी — जेसीबी और ट्रैक्टर — को रोक लिया और काम को बंद करने की मांग की।
विरोध करने वालों में प्रमुख रूप से एसपीबीके गुलियार, रुद्र प्रताप महतो, डोमन महतो, मुकेश महतो, गुरुचरण महतो, विश्वजीत महतो, दीपक महतो, भूदेव चंद्र महतो, भोला नाथ महतो, कार्तिक महतो, जयंत महतो, मृत्युंजय सरदार, संध्या महतो, सबिता महतो, भवतारण महतो, चंदन महतो, बंकिम महतो शामिल थे।
इन सभी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना किसानों की सहमति के ज़मीन पर कार्य किया गया, जिससे फसल बर्बाद हो गई और खेती प्रभावित हो रही है।
तीन माह से अधूरे पड़े गड्ढे, खेतों में जलजमाव
ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर तीन महीने पहले पाइपलाइन बिछाने के लिए खुदाई कर दी गई थी, लेकिन आज तक उन गड्ढों को भरा नहीं गया है, जिससे खेतों में जलजमाव और मिट्टी की बर्बादी हो रही है।
किसानों का कहना है कि “इस साल हम समय पर खेती नहीं कर पाएंगे, जिससे भारी नुकसान होगा।”
कंपनी ने दिया आश्वासन, माने ग्रामीण
मौके पर पहुंचे ठेका कंपनी के साइट इंचार्ज राजेश सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गड्ढों की भराई और सड़कों की मरम्मत जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आगे कार्य से पहले स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया जाएगा।
राजेश सिंह की बात के बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर सुधार कार्य नहीं हुआ, तो दोबारा विरोध किया जाएगा।
📌 निष्कर्ष
चाकुलिया में चल रही पाइपलाइन परियोजना, जो सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का उद्देश्य रखती है, फिलहाल प्रबंधन की लापरवाही और जनसहमति के अभाव में विवादों का कारण बनती जा रही है। यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह विकास परियोजना ग्रामीणों के लिए विनाश का कारण बन सकती है।
