चाकुलिया संवाददाता (रोहन सिंह) सोनाहातु पंचायत के आमाभुला गांव के समीप मंगलवार को सातनाला पहाड़ पूजा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने वर्षा और समृद्धि की कामना के साथ हिस्सा लिया। यह पूजा क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही एक प्राचीन परंपरा है, जो विशेषकर अच्छी बारिश और खुशहाली के लिए मनाई जाती है।
सुबह से ही पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूजा का आरंभ पुजारी भुआ सबर और काली पद महतो ने विधिवत तरीके से किया। पूजा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जो इस परंपरा को लेकर गहरी आस्था रखती हैं। पूजा के दौरान अचानक झमाझम बारिश हुई, जिसने पूरे माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। ग्रामीणों ने इसे शुभ संकेत माना और खुशी-खुशी पूजा का हिस्सा बने।
ग्रामीणों के अनुसार, सातनाला पहाड़ पूजा की परंपरा वर्षों पुरानी है और हर साल इस दिन बारिश अवश्य होती है, जिससे यह पूजा और भी खास बन जाती है। इस पूजा के जरिए ग्रामीण अपनी फसलों, पशुओं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

पूजा के बाद शाम को पूजा स्थल के पास भव्य मेला भी आयोजित किया गया, जिसमें तरह-तरह के स्टॉल और दुकानें लगीं। मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मेला क्षेत्र में स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक खिलौने और हस्तशिल्प की दुकानों ने खास आकर्षण बनाया।
ग्राम प्रधान एवं पूजा समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार महतो ने बताया कि यह आयोजन सामूहिक प्रयास का नतीजा है, जिसमें गांव के सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझ कर जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा, “यह पूजा न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने का माध्यम है, बल्कि यह लोगों को एक साथ जोड़ने का भी काम करती है।”
पूजा एवं मेले के आयोजन में आसपास के कई गांवों से भी श्रद्धालु आए थे, जिन्होंने इस सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लिया। इस कार्यक्रम ने स्थानीय लोगों के बीच भाईचारा और मेलजोल को बढ़ावा दिया।
सातनाला पहाड़ पूजा के आयोजन से क्षेत्र में खुशहाली और सौहार्द की उम्मीद जगती है। ग्रामीण इस विश्वास के साथ अगले वर्ष भी इस पूजा को धूमधाम से मनाने की तैयारी में हैं।