चाकुलिया संवाददाता ( रोहन सिंह) : चाकुलिया प्रखंड की लोधाशोली पंचायत अंतर्गत नीमडीहा और सिंदूरगौरी गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को एक बार फिर एकता और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। दो साल पूर्व नाला पर बनी पुलिया ध्वस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने श्रमदान से लकड़ी और बांस की पुलिया बनाई थी। कुछ दिन पूर्व यह पुलिया जर्जर हो गई थी। इससे गुजरना खतरनाक हो गया था।

नीमडीहा गांव के 20 बच्चे पिछले एक सप्ताह से सिंदूरगौरी प्राथमिक विद्यालय विद्यालय जा रहे थे। बाध्य होकर ग्रामीणों ने आज श्रमदान कर लकड़ी और बांस की पुलिया बनाई। ताकि बच्चे विद्यालय जा सकें।
उक्त नाला पर एक पुलिया निर्माण के लिए दोनों गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगायी। परंतु उनकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी।

स्थानीय अधिकारियों और नेताओं द्वारा इस समस्या की अनदेखी किए जाने के बाद ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।सहायक शिक्षक रघुनाथ मुर्मू के नेतृत्व में दोनों गांवों के दर्जनों ग्रामीण और स्कूली बच्चे एकजुट हुए। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान के जरिए जर्जर हो चुकी लकड़ी की पुलिया की मरम्मत का काम शुरू किया।

इस सामूहिक प्रयास में ग्राम प्रधान सुनील मुर्मू, वार्ड मेंबर दुर्गा मुर्मू, टीपू हांसदा, भद्र मुर्मू, मोटा मुर्मू, सुदेश मुर्मू, बीबीसी मुर्मू, कुनाराम हांसदा और अजय मुर्मू समेत कई अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीणों का कहना है कि वे कब तक प्रशासन के भरोसे हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहते। बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों के लिए यह पुलिया बेहद जरूरी थी। हालांकि ग्रामीणों ने एक बार फिर सरकार से यहां पुलिया निर्माण की मांग दोहराई है। ताकि भविष्य में उन्हें इस जानलेवा जोखिम से मुक्ति मिल सके।