चाकुलिया संवाददाता रोहन
भारी बारिश के बाद चाकुलिया प्रखंड के मालकुंडी पंचायत स्थित दुधियाशोली गांव के आदिवासी और कालिंदी टोला की स्थिति बेहद दयनीय हो गई। सड़कें क्षतिग्रस्त होने और गहरे कीचड़ के कारण गांव टापू में तब्दील हो गया। आवाजाही ठप हो जाने से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को पंचायत सचिव गुलाम हुसैन को चार घंटे तक बंधक बना लिया।

70 से अधिक परिवार हुए प्रभावित
गांव के महतो टोला होते हुए कालिंदी टोला तक जाने वाली मुख्य सड़क 29 जून की बारिश में बह गई थी। वैकल्पिक मार्ग, सिंदूरगौरी होकर जाने वाली सड़क पर कीचड़ और पानी से भरे गड्ढों के कारण भी आवागमन संभव नहीं रह गया था। करीब 70 परिवारों को कई दिनों से आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
मुआयना करने पहुंचे पंचायत सचिव को ग्रामीणों ने रोका
बुधवार सुबह 10 बजे जब पंचायत सचिव स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क मरम्मत को लेकर वे लंबे समय से प्रशासन से मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रशासनिक टीम को पैदल पहुंचना पड़ा टोला
घटना की सूचना पाकर अंचल अधिकारी नवीन पुरती, प्रखंड विकास पदाधिकारी आरती मुंडा, प्रमुख भुवनेश्वर करुणामय, मुखिया मंजुला मुर्मू और पंचायत समिति सदस्य राजेश्वर सरदार मौके पर पहुंचे। सड़क की दुर्दशा के कारण अधिकारियों को सिंदूरगौरी के रास्ते लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर टोला तक जाना पड़ा।
ग्रामीणों ने नहीं मानी बात, मांगों पर अड़े रहे
सीओ और बीडीओ के पहुंचने के बावजूद ग्रामीणों ने सचिव को छोड़ने से इनकार कर दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक सड़क मरम्मत का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। अधिकारियों ने मौके पर ही निर्णय लिया कि वैकल्पिक सड़क पर तत्काल मुरम और डस्ट डालकर उसे दुरुस्त कराया जाएगा।

आश्वासन के बाद ग्रामीण हुए शांत
अधिकारियों द्वारा बरसात के बाद स्थायी सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू करने का भी आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और दोपहर करीब 2 बजे पंचायत सचिव को मुक्त किया गया।
पुलिस की जीप भी सड़क में फंसी
पंचायत सचिव को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद चाकुलिया थाना की पुलिस टीम भी मौके के लिए रवाना हुई। लेकिन खराब रास्ते के कारण पुलिस वाहन सिंदूरगौरी मार्ग में कीचड़ से भरे गड्ढे में फंस गया। जवानों ने जीप को धक्का देकर निकाला, लेकिन वे कालिंदी टोला तक नहीं पहुंच सके।
